कविता के शीर्षक: ”पुलिस वाला गुण्डा” – अनिल सर्राफPost author:adminPost published:May 30, 2020Post category:Bhojpuri BlogsPost comments:0 Commentsपढले रहिँ सच्चा देश प्रेमी होला पुलिसवाला । बाकिर ई का देखके मिलता हाय रे उपरवाला ।।शान वाला वरदी मे रक्षक भइले देश के भक्षक । न्याय सम्मान के गोलि मरले खालि काम करेले झटपट ।।पइसा वाला से पुलिस बेचाता, न्याय जाओ भले भाड मे । नेतासब से पाटी चलेला दारुमासु के आड मे ।।दोषी के निर्दोषी बनावे मे बा इ लोग लगे कलाकारी । अभिओ ले जनता इन्तजारे मे बा कब करि लोग चमत्कारी ।।सच्चा पुलिस वाला एगो आइल रहले रमेश खरेल नाम के । गारदा गारदा उडवले रहले भ्रष्टचारी सन के काम के ।।बिन देखलें धनिक गरीब, न्याय बराबर काम कइलें । का धनिक आ का गरीब, सब के दिल मे छाप छोड के गइलें ।।अभि के कुछ पुलिस वाला भ्रष्टचारी के बनउले धन्धा । त ओहिमे कुछ पुलिस भइले आंख अछइत अन्धा ।।ना जाने कब जागी लोग, साँच से केतना भागि लोग ।मनपरुए काम करेला लोग लेइके हुण्डा । ओहिसे कहाता लोग पुलिस वाला गुण्डा ।।– अनिल सर्राफ, कलेया, बाराफेसबुक पर मिलेवाला कडी: www.facebook.com/anil.sarraf.39 Post Views: 868 Please Share This Share this content Opens in a new window Opens in a new window Opens in a new window Opens in a new window Opens in a new window Opens in a new window You Might Also Like शेर से बडा कुकुर – (भोजपुरी लघु काहानीः गोविन्द दुबे)October 4, 2019 आँम खइलासे एतना फाएदाJuly 15, 2019 “माई” भोजपुरी कविताMarch 20, 2024Leave a Reply Cancel replyYou must be logged in to post a comment.